Type something and hit enter

By On
advertise here
Rakshabandhan kyu manate h Shree krishna

Happy Rakshabandhan 15 August 2019 wishes

Happy Rakshabandhan 2019

 रक्षाबंधन की ख़ुशी में आज मै आप सभी भाईओ और बहनों के साथ Raksha Bandhan Quotes शेयर करने जा रहा हूँ

 जिसको आप अपने प्रिय भाई और अपनी प्यारी बहन के साथ शेयर कर सको.

 रक्षा बंधन भाई-बहन के प्रेम का प्रतिक है| इस दिन सभी लडकियाँ अपने प्रिय भाई को राखी बाँधती है और उनको मिठाई खिलाती है, बदले में भाई अपनी बहन के पैर छूकर उनसे आशीर्वाद लेते है और उनकी हिफ़ाजत करने का वचन देते है.

 Rakshabandhan kyu manate hai..






रक्षाबंधन हर साल श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन धूम-धाम से मनाया जाता है. इस त्योहार को लेकर बहनों के बीच अलग ही खुशी देखने को मिलती है।रक्षाबंधन के दिन बहन भाई के माथे पर तिलक लगा कर उसके दीर्घायु होने की कामना करती है। कहते हैं इस धागे का संबंध अटूट होता है। जब तक जीवन की डोर और श्वांसों का आवागमन रहता है एक भाई अपनी बहन के लिए और उसकी सुरक्षा तथा खुशी के लिए दृढ़ संकल्पित रहता है। रक्षा बंधन  देश में राखी के इस पावन दिन से जुड़ी कई कहानियां हैं, जिससे इस अनूठे त्योहार की विशेषता का पता चलता है।


 बहनें अपने भाइयों की पसंद की मिठाइयां बनाती हैं और उनके लिए तोहफे लेती हैं। भाई भी इस मौके को खास बनाने के लिए कई दिन पहले से ही तैयारी करने में जुट जाते हैं।

राखी के पर्व को हर साल मनाया जाता है पर क्या आपको पता है कि इस पर्व को मनाने के पीछे की वजह क्या है? रक्षाबंधन का त्योहार कैसे और कब शुरू हुआ इसे लेकर कोई स्पष्ट साक्ष्य इतिहास में देखने को नहीं मिलते हैं। हालांकि, माना जाता है कि बहन और भाई के स्नेह से जुड़े इस त्योहार की शुरुआत करीब छह हजार साल पहले हुई थी।

माना जाता है कि बहन रूपी महिलाओं की रक्षा के लिए राखी की परंपरा शुरु हुई, जिसके बाद हर साल श्रावण मास की पूर्णिमा पर इस त्योहार को मनाया जाना शुरू कर दिया गया। रक्षाबंधन का जिक्र महाभारत में भी मिलता है। जब सुदर्शन चक्र से उंगली कट जाने पर भगवान श्रीकृष्ण का रक्त बहनें लगा था। यह देख द्रोपदी ने अपनी साड़ी का पल्ला फाड़ा और उसे उनकी उंगली पर बांध दिया, जिसके बाद श्रीकृष्ण ने वचन दिया कि वह एक-एक धागे का ऋण चुकाएंगे।

माना जाता है कि इस दिन भी श्रावण मास की पूर्णिमा ही थी। ऐसे में इस दिन का महत्ता और बढ़ गई। फिर जब महाभारत के युद्ध से पहले पांडव द्रोपदी को युद्ध में हार गए थे और कौरवों ने भरी सभा में द्रोपदी का
Rakshabandhan images



चीरहरण करना चाहा, तब श्रीकृष्ण ने अपनी लीला से द्रोपदी की साड़ी को इतना लंबा कर दिया कि कौरवों हार माननी पड़ी।

Like Comment & Share with Your friends & Family

Click to comment